राकेश द्विवेदी की रिपोर्ट
संतकबीरनगर। ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव की मिली भगत से इन्टरलाकिंग सड़क के निर्माण में पुराने और गंदे ईटों का प्रयोग कर घटिया निर्माण कराया जा रहा है। इसकी बानगी आपको बेलहर ब्लाक के ग्राम पंचायत देवरिया में आसानी से देखने की मिल जाएगी। सबसे दिलचस्प तो यह है कि ग्राम पंचायत अधिकारी हाजरा बेगम पंचायत सचिव होने के बाद भी इस तरह के किसी जानकारी से साफ इंकार करते हुए अपनी जिम्मेदारी से मुकर गईं। उन्होंने कहा कि इस समय हम लोगों का कार्यवहिष्कार चल रहा है। जिससे हम अवकाश पर हैं अगर इस तरह का मामला है तो देखकर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले की जानकारी मिलते ही डीपीआरओ संत कबीर नगर आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि इन्टरलाकिंग या किसी भी अन्य नए कार्यों में पुराने ईटों का प्रयोग तभी हो सकता है जब इस्टीमेट में पुराने ईट दर्ज हों। हम अपने स्तर से इस मामले की जांच करवाते हैं अगर मामला सही पाया गया तो सभी सम्बंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की लाख कोशिशो के बाद भी प्रधान और सचिव अपनी मनमानी से बाज नही आ रहे हैं। इन लोगो के द्वारा ऐसा ही कारनामा बेलहर ब्लाक के ग्राम पंचायत देवरिया में देखने को मिला जहा इन्टरलाकिंग सडक के निर्माण में पुराने और गंदे ईटों का प्रयोग किया जा रहा है। मुख्य मार्ग से ग्राम पंचायत देवरिया को जाने वाली सड़क पर कुछ वर्षों पहले खडन्जा लगाया गया था। अब सड़क का इन्टरलाकिंग कराया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन्टरलाकिंग सड़क के निर्माण में किनारे किनारे जो दीवाल का निर्माण कार्य कराया जाता है वह नई ईट की जगह उसी खडन्जे से निकला ईट ही प्रयोग किया जा रहा है। जो पूरी तरह से मिट्टी से सना हुआ है। इस तरह की ईट लगाने से सड़क की गुणवत्ता पूरी तरह से प्रभावित होती है लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव को सिर्फ निर्माण से मतलब है। सूत्रों की माने तो इन पुराने ईटो को नया दिखा कर के भुगतान लिया जा सकता है इन दिनों क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में इस तरीके का भ्रष्टाचार आम बात हो गई है अब यह सड़क कितने दिनों तक चलेगा इससे इन अधिकारियों को कोई मतलब नहीं है इस बारे में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी कहा कि हम अपने आशा से इस मामले की जांच करवाते हैं अगर मामला सही पाया गया तो सभी संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।