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आज के दौर में बाजारवाद का खेल, चहुं और मिलावट की रेल

शशि पाण्डेय का व्यंग्य लेख कल ही तिवारी जी के इधर से निकलना हुआ। घर के अंदर से गाने की आवाज आ रही थी “ होली आयी रे कन्हाई.. सुना दे जरा बांसुरी” देखा तो तिवारी जी घर के पीछे लगे बबूल को काट रहे थे । मैने उनसे पूछा इतना भला चंगा पेड़ क्यो काट रहे हैं पता चला …

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बाल मजदूरी से मज़बूर बचपन : सिर्फ कड़े कानून काफी नहीं, जागरूकता जरुरी

मोहम्मद तैय्यब का आलेख यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आज भी भारत मे पढ़े लिखे वर्ग के लोग भी अपने काम को निकालने के लिए बाल मजदूरी का प्रयोग सबसे ज्यादा करते है। अक्सर हम देखते है कि गरीब तबके के बच्चा जिस उम्र में उसके हाथ मे खिलोने और किताबे होनी चाइये उस हाथ मे वो किसी …

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सिंधु जल संधि से भारत को क्यों नही बाहर निकल जाना चाहिए ?

1948 में भारत ने पाकिस्तान को पानी रोका था, जिससे पाकिस्तान में बहुत समस्याएं पैदा हो गई थी। तब से लेकर बरसों भारत और पाकिस्तान में इस जल के बंटवारे को लेकर संघर्ष चलता रहा। फिर अमेरिका और विश्व बैंक की मध्यस्थता से पंडित नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच 1960 में यह समझौता हुआ था। इस …

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गरीब पर खूबसरत लड़की की समाज में इज्जत हो सकती है पर आदमी की इज्जत उसके पैसे से ही होती है

गरिमा कौशिक का आलेख : मैं जानती हूं कि अगली पंक्ति में जो ख़ूबसूरती की परिभाषा मैं देने वाली हूं, उसकी वजह से मुझे कई लोग कॉमेंट्स में कोसेंगे पर यह परिभाषा ९०% लोग मानते है, बस स्वीकार नहीं करते। अंग्रेजी में ऐसी सोच रखने वाली महिला को लोग गोल्ड डिगर कहते है, पर क्या सारा समाज इसी सोच से …

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तमिलनाडू में हिन्दू रामलिंगम की वीभत्स हत्या !

आज हिन्दू संघर्ष समिति ने तमिलनाडू में हिन्दू रामलिंगम की वीभत्स हत्या के विरोध मे उन्हें न्याय दिलाने के विजय चौक पर रोष प्रदर्शन किया । हिन्दू संघर्ष समिति हमेशा PFI का विरोध किया है तथा उसके ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने हेतु PFI की पोल खोलने वाली एक बुकलेट भी जारी की थी । हिन्दू संघर्ष समिति के झारखंड के अध्यक्ष …

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क्या है अमेरिका में होने वाला शटडाउन ? आम लोगों पर कैसे पड़ता है इसका असर

नई दिल्ली : आजकल अमेरिका में सरकारी शटडाउन की स्थिति बनी हुई है या यू कहे कि अमेरिका फिर से एक बार शटडाउन का सामना कर रहा है. क्या आप जानते हैं कि सरकारी शटडाउन क्या है ? अमेरिका में शटडाउन कैसे होता है ? इसके पीछे क्या कारण है ? इसके क्या परिणाम हो सकते हैं ? बाकी देशों …

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बदलते दौर में फिल्मों में हीरो के खलनायक बनने की बदलती वजहें !

नई दिल्ली : आज़ादी के 10 साल बाद 1957 में देश में खेती और किसान की बदहाली दिखाती फिल्म ‘मदर इंडिया’ को दर्शकों ने बहुत सराहा। जहां साहूकार जो अमीर है, किसान को कर्ज़ की मार के नीचे दबोचता हुआ दिखाई देता है। जहां एक किसान परिवार का मुख्य सदस्य खुदकुशी के लिए मजबूर होता है, एक मां अपने दो …

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विपक्षी एकजुटता से बीजेपी के लिए मुश्किल हो जाएगी 2019 के लोकसभा चुनाव की राहें ? यहाँ समझिए पूरा राजनीतिक समीकरण

नई दिल्ली : देश में होने वाले आम चुनाव में अब कुछ ही समय बाकी रह गया है। ऐसे में तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपने हिसाब से रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। बीजेपी जहां मोदी सरकार के 5 साल के कामकाज को आधार बनाकर एक बार फिर जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश करती …

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असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय में क्यों हो रहा है नागरिकता संशोधन बिल का विरोध ?

रवीश कुमार के फेसबुक वाल से साभार मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल को लोक सभा में पास करा लिया है। इसके प्रावधान के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में सताए गए वैसे हिन्दू, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई को भारत में छह साल रहने के बाद नागरिकता दी जा सकती है जो 31 दिसंबर 2014 के पहले भारत आ …

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क्या प्रेम में शारीरीक संबंध जरूरी होता है ? इसे सिर्फ शरीर तक सीमित क्यों कर दिया गया है ?

आलेख : रचना गुप्ता अगर प्रेम में शारीरिक संबंध से आपका अभिप्राय विवाह से पहले शारीरिक संबंधों से है तो मेरा उत्तर “नहीं” होगा.! प्रेम में शारीरिक संबंधों की जरूरत नहीं होती.. प्रेम की अपनी सुंदरता है, कितनी सुंदर तरीकों से अपने आप को व्यक्त करता है? अलग-अलग तरह से.. अपने प्रियतम की आंखों में आंखें डाल कर देखें उनका …

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