भाजपा नेताओं ने जल संकट पर चर्चा के लिए तुरंत आल पार्टी मीटिंग और विधान सभा का विशेष इजलास बुलाने की की मांग

दिल्ली के हजारों लोग पानी के संकट में घिरे परन्तु केजरीवाल द्वारा वर्मा और सिरसा के साथ मुलाकात से कोरा इनकार
– घर के पिछले दरवाजे से भागे केजरीवाल, मंत्री गोपाल राय भी मौके से खिसके
– कामकाज वाले दिन मुख्यमंत्री घर में मौज करने लगे और राजनीति में हुए व्यस्त : वर्मा, सिरसा
– भाजपा नेताओं ने जल संकट पर चर्चा के लिए तुरंत आल पार्टी मीटिंग और विधान सभा का विशेष इजलास बुलाने की की मांग
नई दिल्ली, 17 मई () :
मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के कनवीनर श्री अरविन्द केजरीवाल की रिहायश पर आज उस समय पर जम कर नाटक हुआ जब उन्होंने लगातार दो दिनों से मीटिंग के लिए समय मांग रहे मैंबर पारलीमेंट प्रवेश साहब सिंह वर्मा और विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ उन की रिहाइश पर पहुंचने उपरांत मीटिंग करने से इनकार कर दिया और अपने घर के पिछले दरवाजे से मौके से फरार हो गए। यहीं बस नहीं बल्कि मंत्री गोपाल राय जिन को श्री वर्मा और स. सिरसा ने मौके पर घेर लिया, भी अपनी गाड़ी भगा कर फरार हो गए। इस उपरांत भाजपा लीडरशिप ने मुख्यमंत्री की रिहाइश के बाहर घड़े तोड़े।
जब श्री वर्मा और स. सिरसा मुख्यमंत्री की रिहाइश पर पहुंचे तो दो घंटे के इंतजार बाद वहां तैनात आधिकारियों ने उन को मीटिंग का उद्देश्य पूछा तो दोनों ने आधिकारियों को बताया कि वह मुख्यमंत्री के साथ पिछले दिनों दौरान दिल्ली के हजारों लोगों को पेश गंभीर जल संकट पर चर्चा करना चाहते हैं। स्टाफ द्वारा यह एजेंडा पता लगने पर केजरीवाल ने घर आए गणमान्यों के साथ मुलाकात करने से कोरा इनकार कर दिया और कह दिया कि वह ‘व्यस्त’ हैं।
मुख्यमंत्री के इस हैरानीजनक रवैईए से हक्के-बक्के श्री वर्मा और स. सिरसा ने मीडिया को बताया कि वह पिछले दो दिनों से मुख्य मंत्री श्री केजरीवाल के साथ मीटिंग के लिए समय मांग रहे हैं परन्तु उन को समय नहीं दिया गया और कह दिया गया कि मुख्य मंत्री ‘व्यस्त’ हैं। उन्होंने कहा कि इस से ऊब कर उन्होंने फैसला किया कि वह खुद ही मुख्यमंत्री की रिहाइश पर पहुंच कर उनके साथ मुलाकात करेंगे और उन को दिल्ली के लोगों को पेश मुश्किल से अवगत करवाएंगे और इस संकट में से निकलने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने के लिए कहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह यह देख कर हैरान थे कि एक कामकाजी दिन भी मुख्यमंत्री अपने घर ‘छुट्टी’ का आनंद ले रहे थे और उन्होंने दिल्ली के लोगों की मुश्किल सुनने के लिए उनके साथ मुलाकात करने से भी इनकार कर दिया।
केजरीवाल पर अपने राजनीतिक एजंडे की पूर्ति के लिए काम करने और दिल्ली के लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की जगह पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री कुमारी ममता बैनर्जी के साथ मुलाकात के लिए जाने की जोरदार निंदा करते हुए श्री वर्मा और स. सिरसा ने कहा कि अब यह जग जाहिर हो गया है कि कौन लोगों की भलाई के लिए काम कर रहा है और कौन अपने व्यक्तियों और संकुचित राजसी लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहा है।
यहां वर्णनीय है कि श्री वर्मा और स. सिरसा ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को एक पत्र भी लिखा था कि जिस में उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निरंतर बिगड़ रहे जल संकट के हालात से अवगत करवाया था और बताया कि कैसे कुछ ही दिनों में लोगों से पानी की कमी और उनके इलाकों में पानी की सप्लाई न होने की हजारों शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिस कारण लोगों में दिन ब दिन गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह चुने हुए प्रतिनिधि हैं और समाज को जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में पीने वाले पानी का एक गिलास भी नहीं है और दिल्ली जल बोर्ड ने प्राईवेट पानी सप्लायरों के साथ सांठ-गांठ की हुई है जो लोगों को शरेआम लूट रहे हैं, जबकि पीने वाला साफ पानी हासिल करना लोगों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से पानी की किल्लत की पहला जानकारी के बावजूद भी अपने नागरिकों के लिए पानी उपलब्ध न करवाना बड़ी असफलता है।
उन्होंने केजरीवाल को यह भी याद करवाया कि उन्होंने अदालत में हलफीया बयान भी दिया है कि पंजाब का पानी हरियाणा को नहीं दिया जा सकता, जबकि वह जानते थे कि हरियाणा से ही दिल्ली के लोगों के लिए पानी की सप्लाई होती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी कोई उपाय नहीं किया गया और दिल्ली सरकार के अधीन दिल्ली जल बोर्ड ने भी पानी बचाने के लिए कोई मुहिम नहीं चलाई।
उन्होंने हैरानी प्रकट की कि जब दिल्ली के लोग पानी की कमी से कराह रहे हैं तब मुख्यमंत्री अपने घर आराम फरमा रहे हैं और जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को भी नहीं मिल रहे, जिससे जल संकट हल किया जा सके।
दोनों नेताओं ने इस मामले पर व्हाइट पेपर जारी किए जाएं और बिना देरी के मसला विचार करने के लिए तुरंत आल पार्टी मीटिंग बुलाऐ जाने की भी मांग की और यह भी सुझाव दिया कि इस मसले पर विचार विमर्श के लिए दिल्ली विधानसभा का विशेष इजलास भी बुलाया जा सकता है जिससे दिल्ली का जल संकट हल किया जा सके और समाज का भला हो सके।

About Kanhaiya Krishna

Check Also

बीजेपी नेता का दावा – बंगाल के 107 विधायक जल्द बीजेपी में होंगे शामिल

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राजनीति में जारी उथल-पुथल कम होने का नाम नहीं ले …

कर्नाटक : एक साथ कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफ़ा, संकट में सरकार

नई दिल्ली : कर्नाटक में जारी सियासी नाटक ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *